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योग के महारथी | Patanjali Guru | Tirumalai Krishnamacharya | K. Pattabhi Jois | बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार

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योग के महारथी | Patanjali Guru | Tirumalai Krishnamacharya | K. Pattabhi Jois | बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार

पतंजलि ( Patanjali Guru | Patanjali Yog Fathar )

पतंजलि ( Patanjali Guru ) योगसूत्र के रचनाकार है, जो हिंदुओं के 6 दर्शनों ( न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदांत ) में से एक हैं।  भारतीय साहित्य में पतंजलि की लिखी हुई तीन मुख्य ग्रंथ मिलते हैं- योगसूत्र, अष्टाध्यायी पर भाष्य और आयुर्वेद पर ग्रंथ। पतंजलि ने पाणिनी की अष्टाध्यायी पर अपनी टीका लिखी, जिसे महाभाष्य का नाम दिया। इनका काल 200 ईसापूर्व माना जाता है। इनका जन्म गोनार्ध ( गोंडा, उत्तर प्रदेश ) में हुआ था पर यह काशी में नागकूप बस गए थे। patanjali yog father

तिरुमलाई कृष्णामाचार्य 

आधुनिक युग में योग को फिर से मुख्यधारा में लाने में तिरुमलाई कृष्णामाचार्य का नाम अगली कतार में आता है। उनका जन्म 18 नवंबर 1888 में हुआ था। उन्हें ‘आधुनिक योग के पिता’ के रूप में माना जाता है। कृष्णामाचार्य सभी छह वैदिक दर्शन  के जानकार थे। भारत में उन्हें मुख्य रूप से एक चिकित्सक के रूप में माना जाता है, जो इलाज के लिए आयुर्वेदिक पद्धति सहित स्वास्थ्य और कल्याण बहाल करने के लिए योग परम्पराओ के पोषक रहे हैं। tirumali krishmachraya

के. पट्टाभी जोइस 

भारतीय योग शिक्षक और संस्कृत की विद्वान थे। जिन्होंने योग की विनिशा शैली को लोकप्रिय बनाया, जिसे अष्टांग योग कहा जाता है। जोइस ने भारत के मैसूर में अष्टांग योग अनुसंधान संस्थान की स्थापना की। जोइस उन भारतीयों में से एक है जिन्होंने बीसवीं शताब्दी में भारत से पश्चिम को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जोइस के पिता एक ज्योतिषी थे। उन्होंने 1958 में कन्नड़ में ‘योगमाला’ पुस्तक लिखी, जिसे 1962 में प्रकाशित किया गया था। K. pattabhi jois

बी.के.एस.अयंगार ( बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार )

योग पर कोई भी चर्चा तब तक अपूर्ण है, जब तक उसमें बी. के. एस. अयंगार के बारे में बात न की जाये। योग को पुरे विश्व में प्रसिद्ध बनाने का बहुत बड़ा श्रेय इन्हे जाता है। पदम भूषण से सम्मानित बी. के. एस. अयंगार को 2004 में टाइम मैग्जीन के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। बी. के. एस. अयंगार का जन्म कर्णाटक में बेंगलुरु से करीब 50 किलोमीटर दूर कोलार जिले के बेल्लूर गाँव के एक गरीब परिवार में हुआ था। B.K.S.ayangar

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